- बसखारी, मकोईया में अमृत सरोवर योजना में 3 लाख रुपये का कथित घोटाला
- तालाब का सौंदर्यीकरण और जल संरक्षण का काम जमीनी हकीकत में शून्य
- मास्टर रोल पर फर्जी खर्च दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग
जलालपुर,अम्बेडकर नगर। विकास खण्ड बसखारी ग्राम पंचायत के मकोईया में अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार के नाम पर करीब तीन लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। मीडिया की पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं, जहां कागजों पर तालाब को “मानसरोवर” बनाया गया, लेकिन हकीकत कुछ और ही बया करती है। ग्रामीणों ने इस योजना को “भ्रष्टाचार सरोवर योजना” का नाम दे दिया और सरपंच व सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कागजों में दौड़ा विकास का घोड़ा, जमीनी हकीकत से बिलकुल उलट है। मीडिया की जांच में सामने आया कि मकोईया तालाब के लिए मास्टर रोल में लगभग 3 लाख रुपये निकाले गए। मास्टर रोल नंबर 1040 पर 24,648 रुपये, 1025 पर 13,035 रुपये, 1026 पर 25,833 रुपये, 1027 पर 28,440 रुपये, 1028 पर 9,243 रुपये, 1998 पर 27,018 रुपये, 1999 पर 13,746 रुपये, 2000 पर 23,700 रुपये, 2001 पर 26,781 रुपये और 2002 पर 18,960 रुपये का भुगतान दर्शाया गया। लेकिन मौके पर तालाब की हालत बदहाल है। न तो सौंदर्यीकरण हुआ, न ही जल संरक्षण के लिए कोई ठोस काम हुआ है।ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच और सचिव ने मिलकर सरकारी धन का बंदरबांट किया और तालाब को “नोटों की नाली” बना दिया।
गांव वालों का आरोप है कि अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब को पिकनिक स्पॉट और जल संरक्षण का केंद्र बनाने का वादा किया गया था, लेकिन नतीजा शून्य रहा।








