- मेजर रौनक सिंह का अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर
- परिवार और सैकड़ों लोग हुए भावभीनी श्रद्धांजलि देने
- मेजर ने श्रीनगर के बारामूला में ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया
वाराणसी। श्रीनगर के बारामूला में ड्यूटी के दौरान निधन होने वाले मेजर अप्रांत रौनक सिंह का अंतिम संस्कार रविवार सुबह मणिकर्णिका घाट पर किया गया। शनिवार शाम उनका पार्थिव शरीर विशेष विमान से बाबतपुर एयरपोर्ट लाया गया, जहां सेना की गार्ड ने सलामी दी। रात 8 बजे पार्थिव शरीर चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित उनके आवास पहुंचा।
परिवार और शहर में शोक
तिरंगे में लिपटे लाल को देखकर मां रेनू और पिता शशि सिंह बेसुध हो गए। पत्नी डॉक्टर अर्चिता सिंह ताबूत से लिपटकर फूट-फूटकर रोईं, जिन्हें परिजनों ने संभाला। सैकड़ों लोग मेजर को अंतिम सलामी देने पहुंचे, और “भारत माता की जय” और “रौनक अमर रहें” जैसे नारों से घाट गूंज उठा।
मेजर रौनक सिंह की सैन्य सेवा
मेजर रौनक सिंह प्रतापगढ़ जिले के मूल निवासी थे और पिछले एक साल से श्रीनगर के बारामूला में तैनात थे। करीब एक सप्ताह पहले उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और उन्हें आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां 19 सितंबर को उनका निधन हो गया। सेना ने उनके बीमारी की जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
दो साल पहले उनकी शादी डॉक्टर अर्चिता सिंह से हुई थी। मेजर रौनक सिंह को 2023 में सेना पदक से सम्मानित किया गया। नवंबर 2021 में कुलगाम में एक मुठभेड़ के दौरान उन्होंने दो आतंकियों को ढेर किया था।
चिनार कॉर्प्स ने दी श्रद्धांजलि
चिनार कॉर्प्स ने सोशल मीडिया पर मेजर रौनक सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने बारामूला में ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। कॉर्प्स कमांडर और चिनार वॉरियर्स ने उनके साहस और बलिदान को सलाम किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।








