अंबेडकरनगर। अकबरपुर नगर क्षेत्र के मीरानपुर पुलसावां में जेसीबी से छप्परनुमा मकान गिराए जाने के विरोध में महिला ने कलेक्ट्रेट के पास स्थित डॉ. आंबेडकर प्रतिमा प्रांगण में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। सुशीला देवी ने नगर पालिका कर्मचारियों पर बिना किसी सक्षम अधिकारी का आदेश दिखाए मकान और गृहस्थी का सामान हटाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की जांच कर संबंधित कर्मचारियों और नामजद व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सुशीला देवी के अनुसार, वह परिवार के साथ गाटा संख्या 200 की आबादी की जमीन पर लंबे समय से रह रही हैं। उनके मकान संख्या 982 पर विद्युत कनेक्शन है। उनका कहना है कि वह नियमित रूप से गृहकर और जलकर का भुगतान भी करती हैं।
गुमटी, चूल्हा और बर्तन तोड़ने का आरोप
महिला का आरोप है कि एक अक्तूबर की सुबह करीब 11 बजे नगर पालिका के कर्मचारी जेसीबी लेकर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई से पहले किसी सक्षम अधिकारी का आदेश नहीं दिखाया। इसके बाद उनकी गुमटी, चूल्हा, बर्तन और अन्य गृहस्थी का सामान तोड़कर हटा दिया गया।
सुशीला देवी ने आरोप लगाया कि परिवार के सदस्य घटना का वीडियो बनाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान उनका मोबाइल छीन लिया गया। उन्होंने कर्मचारियों पर गाली-गलौज करने, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
जमीन का विवाद अदालत में, पांच अक्तूबर को सुनवाई
सुशीला देवी ने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि कार्रवाई अमित पांडेय के दबाव में उन्हें जमीन पर कब्जा दिलाने के उद्देश्य से की गई। उनका कहना है कि गाटा संख्या 200 को लेकर सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में वाद लंबित है। इसकी सुनवाई पांच अक्तूबर को निर्धारित है।









