अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से मातृभूमि योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति या संस्था अपने गांव अथवा आसपास के क्षेत्र में विकास कार्य करा सकती है, जिसमें कुल लागत का 40 प्रतिशत सहयोग राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा। योजना का उद्देश्य ग्रामीण विकास में जनसहभागिता को बढ़ाना और स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्यों को प्रोत्साहित करना है।
परियोजना का नाम रखने की स्वतंत्रता
प्रभारी जिला पंचायत अधिकारी अनिल सिंह ने बताया कि मातृभूमि योजना की एक विशेष व्यवस्था यह है कि सहयोग करने वाला व्यक्ति या संस्था अपनी पसंद के अनुसार परियोजना या विकास कार्य का नाम रख सकता है। यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी है, जो अपने गांव में विकास कार्य कर अपने पूर्वजों या परिवार के नाम से पहचान बनाना चाहते हैं।
इन कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता
मातृभूमि योजना के अंतर्गत कई प्रकार के विकास कार्य कराए जा सकते हैं। इनमें सामुदायिक केंद्र, ओपन जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, तालाबों का सौंदर्यीकरण, अंत्येष्टि स्थल का निर्माण, सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम, बस स्टैंड, टीन शेड, बारात घर, डिजिटल लाइब्रेरी और चारागाह का निर्माण शामिल है।
इसके साथ ही शिक्षा और सामाजिक सुविधाओं से जुड़े कार्य भी योजना के दायरे में रखे गए हैं। स्कूलों और इंटर कॉलेजों में अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण, स्मार्ट क्लासरूम, आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए मध्याह्न भोजन रसोई और भंडारण गृह, पुस्तकालय, ऑडिटोरियम, खेलकूद स्टेडियम के लिए व्यायामशाला और खेल उपकरण उपलब्ध कराए जा सकते हैं।








