
तेल अवीव/डिमोना: इजराइल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले परमाणु रिसर्च सेंटर के पास शनिवार रात बड़ा मिसाइल हमला हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की दो बैलिस्टिक मिसाइलें इजराइल के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देते हुए नेगेव रेगिस्तान में स्थित डिमोना और पास के शहर अराद के रिहायशी इलाकों में जा गिरीं।
1500 किमी दूर से दागी गईं मिसाइलें
बताया जा रहा है कि इन मिसाइलों ने 1500 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की। दोनों हमले करीब तीन घंटे के अंतराल में हुए, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं।
फेल हुए आयरन डोम समेत कई सिस्टम
इन मिसाइलों को रोकने में इजराइल के मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम—आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग, एरो-3 और अमेरिकी THAAD—नाकाम रहे। इस घटना ने इजराइल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
180 लोग घायल, कुछ की हालत गंभीर
इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमले में करीब 180 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। हमले के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
परमाणु केंद्र के पास हुआ हमला
डिमोना में स्थित शिमोन पेरेस नेगेव परमाणु रिसर्च सेंटर को इजराइल का सबसे संवेदनशील ठिकाना माना जाता है। हालांकि इजराइल ने यहां परमाणु हथियार होने की आधिकारिक पुष्टि कभी नहीं की है।
400 मिसाइलें रोकने का दावा
इजराइल का कहना है कि वह अब तक ईरान की करीब 400 मिसाइलों में से 92% को हवा में ही नष्ट कर चुका है। बावजूद इसके, यह घटना दिखाती है कि कोई भी सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह अभेद्य नहीं होती।
जांच शुरू, उठे बड़े सवाल
इस हमले के बाद जांच शुरू कर दी गई है कि आखिर इतनी मजबूत सुरक्षा के बावजूद मिसाइलें अंदर तक कैसे पहुंचीं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तकनीकी नहीं बल्कि ऑपरेशनल चूक भी हो सकती है।








