
कानपुर। नगर निगम कर्मचारियों ने आज अपने धरना प्रदर्शन के माध्यम से प्राइवेटजेशन के खिलाफ अपना विरोध जताया और नगर आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। यह प्रदर्शन 19 जनवरी के धरना के सात दिन बाद किया गया। पिछले धरने में कर्मचारियों और नगर आयुक्त के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला।
उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी के प्रदेश महामंत्री अजीत बागमा ने बताया कि नगर आयुक्त निगम में एक कंपनी को लाना चाहते हैं, जिससे कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं मिलेगा और वे कंपनी के कर्मचारी बन जाएंगे। कर्मचारियों ने 19 जनवरी को अपनी आपत्तियाँ प्रस्तुत की थीं, लेकिन नगर आयुक्त ने उनकी बात नहीं मानी।
अजीत बागमा ने कहा कि कर्मचारियों ने एक हफ्ते का और समय दिया, लेकिन नगर आयुक्त ने कोई कार्रवाई नहीं की। कल कर्मचारी मंडलायुक्त से मिले और आज नगर आयुक्त से भी मिलने गए, लेकिन नगर आयुक्त हठधर्मिता पर अड़े रहे और कर्मचारी प्रतिनिधि मंडल से बात नहीं की।








