मुर्शिदाबाद हिंसा- प्रशासन की कार्रवाई से धीरे-धीरे स्थिति में सुधार

  • मुर्शिदाबाद हिंसा: गिरफ्तारी और प्रशासनिक प्रयासों से स्थिति में सुधार
  • राजनीतिक आरोप: TMC और BJP के बीच हिंसा को लेकर आरोप-प्रत्यारोप
  • वक्फ कानून पर विरोध बढ़ा, AIMPLB ने अभियान शुरू किया

मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में 10-12 मार्च के बीच भड़की हिंसा के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। सोमवार को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर जावेद शमीम ने बताया कि हिंसाग्रस्त इलाकों में दुकानें खुलने लगी हैं और 19 विस्थापित परिवार अपने घर लौट चुके हैं। मालदा और मुर्शिदाबाद जिला प्रशासन संयुक्त प्रयास से लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर रहा है।

एडीजी शमीम के मुताबिक, अब तक 210 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 12 अप्रैल को हुई भीड़ हिंसा में पिता-पुत्र की हत्या को लेकर अलग मामला दर्ज किया जाएगा। इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

केंद्र सरकार ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में 1600 जवानों की तैनाती की है। इन इलाकों में इंटरनेट सेवा फिलहाल बंद है और BNS की धारा 163 लागू है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज, TMC ने बताया ‘साजिश’

तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता कुणाल घोष ने हिंसा के पीछे भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि BSF की मदद से उपद्रवियों को राज्य की सीमा पार करवाई गई और सोशल मीडिया पर अन्य राज्यों की तस्वीरों को बंगाल का बताकर फैलाया गया।

वहीं, भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने हिंसा की जांच NIA से कराने की मांग की है। उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 12 अप्रैल को हिंसाग्रस्त इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया था।

वक्फ कानून के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन, AIMPLB का अभियान शुरू

वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ विरोध लगातार तेज हो रहा है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने 11 अप्रैल से ‘वक्फ बचाव अभियान’ शुरू किया है, जो 87 दिन तक चलेगा। इसके तहत 1 करोड़ लोगों के हस्ताक्षर एकत्र कर प्रधानमंत्री को सौंपे जाएंगे।

राजस्थान सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में खुद को पक्षकार बनाए जाने की मांग की है। सरकार ने कहा कि कानून को लागू करने की जिम्मेदारी राज्यों की है, इसलिए उसका कानूनी हित बनता है।

मुर्शिदाबाद हिंसा में अब तक तीन की मौत, 15 पुलिसकर्मी घायल

12 अप्रैल को फिर से हिंसा भड़क उठी, जिसमें भीड़ ने हरगोविंद दास और उनके बेटे चंदन दास की पीट-पीटकर हत्या कर दी। दोनों मूर्ति निर्माण का काम करते थे। इससे पहले 11 अप्रैल को हिंसा में घायल एक शख्स ने 12 अप्रैल को दम तोड़ दिया। कुल मिलाकर तीन लोगों की मौत और 15 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सुइटी थाना क्षेत्र में भीड़ ने पुलिस पर क्रूड बम फेंका था, जिसके बाद चार राउंड फायरिंग की गई।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अपील- ‘शांति बनाए रखें’

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, “राज्य में वक्फ कानून लागू नहीं किया जाएगा। यह केंद्र सरकार का कानून है, जवाब भी वही दे।” उन्होंने कहा कि राजनीति के लिए दंगे न भड़काएं, सबकी जान कीमती है।

यूसुफ पठान की पोस्ट पर विवाद

TMC सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान द्वारा चाय पीते हुए फोटो पोस्ट करने पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने उन पर हिंसा के बीच “लापरवाह रवैया” अपनाने का आरोप लगाया है।

केंद्र की सख्ती, गृह सचिव ने बंगाल DGP और मुख्य सचिव से की बात

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मुर्शिदाबाद की स्थिति पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और डीजीपी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर हालात पर चर्चा की। उन्होंने राज्य प्रशासन से जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के निर्देश दिए।

सुप्रीम कोर्ट में 17 याचिकाएं दाखिल, 16 अप्रैल को सुनवाई

वक्फ कानून की वैधता को चुनौती देने वाली 17 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं। इनमें से 10 पर सुनवाई के लिए तारीख तय हो चुकी है। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच 16 अप्रैल को सुनवाई करेगी।

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