दिल्ली आतंकी हमले की लखनऊ जांच में नया मोड़
इंटीग्रल यूनिवर्सिटी और ‘तमीम’ से संदिग्ध कनेक्शन
शाहीन और परवेज के ठिकानों की फोरेंसिक जांच
लखनऊ। दिल्ली आतंकी हमले की जांच में लखनऊ की जांच एजेंसियों को नए सुराग मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी डॉ. परवेज को इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में नौकरी रेफरेंस के जरिए मिली थी। इसी कड़ी में शाहीन और ‘तमीम’ नाम से कुछ संदिग्ध नियुक्तियां और दस्तावेज सामने आए हैं।
नौकरी और आवास की संदिग्ध लिंक
एजेंसियों को जानकारी मिली कि परवेज को लखनऊ में मकान दिलाने में ‘तमीम’ का नाम जुड़ा हुआ था। एनआईए और एटीएस दोनों ही गहराई से पूछताछ कर रहे हैं और यूनिवर्सिटी से परवेज के नियुक्ति-पत्र, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, इस्तीफा और बैंक ट्रांजैक्शन की प्रतियां प्राप्त की गई हैं।
शाहीन और तमीम के नामों पर नियुक्तियां
सूत्रों ने बताया कि कुछ नियुक्तियां शाहीन और ‘तमीम’ के नाम पर दर्ज हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि ये वास्तविक नाम थे या किसी पहचान को छुपाने के लिए इस्तेमाल किए गए थे। साथ ही यह देखा जा रहा है कि इन नामों के पीछे कोई बाहरी नेटवर्क तो नहीं था, जो नौकरी और आवास जैसी सुविधाओं के जरिए संपर्क बना रहा था।
मड़ियांव आवास की पड़ताल
मड़ियांव में परवेज के आवास के दस्तावेज और डिजिटल फाइलों की फोरेंसिक जांच की जा रही है। पड़ोसियों और स्थानीय रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड से ऐसे संकेत मिले हैं कि तमीम ने मकान दिलाने में भूमिका निभाई।
एनआईए और एटीएस की कार्रवाई
एनआईए ने शाहीन और परवेज के ठिकानों से मिली सामग्री का विश्लेषण शुरू किया है। एटीएस ने करीब 50 लोगों से पूछताछ की है। एजेंसियां बैंक ट्रांजैक्शन, CDR और डिजिटल संचार की भी गहन जांच कर रही हैं।
गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई
जांच में किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और सीधे आरोप तय नहीं किए गए हैं। एजेंसियां हर कड़ी को जोड़ने और वास्तविक नेटवर्क का खुलासा करने के लिए फाइलों, रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट्स और डिजिटल फुटप्रिंट्स की प्राथमिकता दे रही हैं।








