लखनऊ में पाकिस्तान कनेक्शन वाली अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़

  • लखनऊ के मलिहाबाद में छापा, हकीम सलाउद्दीन उर्फ लाला गिरफ्तार
  • पाकिस्तान कनेक्शन: रिश्तेदार और फोन बातचीत की पुष्टि
  • घर और बंद पड़े सिनेमा हॉल में चल रही थी हथियार फैक्ट्री

लखनऊ। राजधानी के मलिहाबाद में चल रही एक अवैध हथियार फैक्ट्री का खुलासा हुआ है, जिसका सीधा कनेक्शन पाकिस्तान से जुड़ा पाया गया है। आरोपी हकीम सलाउद्दीन उर्फ लाला के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और हथियार बनाने की सामग्री बरामद की है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह फैक्ट्री एक बंद पड़े सिनेमा हॉल और उसके घर में चलाई जा रही थी।

पाकिस्तान से रिश्तेदारी, उर्दू-फारसी में लिखे नंबर मिले

पुलिस के मुताबिक, हकीम के पास एक लाल पर्ची मिली है जिसमें उर्दू और फारसी भाषा में नंबर लिखे हैं। सलाउद्दीन की भतीजी की शादी छह साल पहले पाकिस्तान में हुई थी, और उसके दर्जनों रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं। वह खुद भी कई बार पाकिस्तान जा चुका है और कई पाकिस्तानी नागरिकों से नियमित संपर्क में था।

मोहर्रम से पहले बड़ी साजिश की आशंका

जांच एजेंसियों को शक है कि मोहर्रम से पहले भारी मात्रा में हथियारों और कारतूसों का एकत्र किया जाना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और दस्तावेज जब्त कर सलाउद्दीन के पाक कनेक्शन की जांच की जा रही है।

20 बोरी हथियार, लेकिन पुलिस ने 10% ही दिखाया

स्थानीय लोगों का दावा है कि पुलिस जीप में चार बार में करीब 20 बोरियों में हथियार और कारतूस लेकर गई, लेकिन बरामदगी में सिर्फ 10% ही दिखाया गया। छापेमारी के दौरान इलाके की बिजली काट दी गई थी और पुलिस ने मीडिया को भी दूर रखा।

सिनेमा हॉल में 20 साल से बनवा रहा था असलहे

डीसीपी उत्तरी गोपाल कृष्ण चौधरी के अनुसार, लाला अपने घर के पास के बंद पड़े सिनेमा हॉल में बीते 20 वर्षों से अवैध हथियार फैक्ट्री चला रहा था। फैक्ट्री मलिहाबाद थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर थी, फिर भी पुलिस को भनक तक नहीं लगी।

संदिग्ध गतिविधियों की पहले से थी जानकारी

स्थानीय निवासियों के अनुसार, सलाउद्दीन एक हड्डी जोड़ने वाला हकीम था और उसके घर पर संदिग्ध लोगों का आना-जाना रहता था। इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और एजेंसियां भी अक्सर दूरी बनाए रखती थीं।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

लोगों का आरोप है कि पुलिस ने बरामद सामान को सही तरीके से सार्वजनिक नहीं किया और न ही प्रेसवार्ता की गई। इससे पहले भी सुशांत गोल्फ सिटी में विदेशी लड़कियों के फर्जी दस्तावेज प्रकरण में खुफिया तंत्र की नाकामी सामने आ चुकी है।

सलाउद्दीन को गुपचुप भेजा गया जेल

छापेमारी के बाद सलाउद्दीन को थाने ले जाया गया, और अगले दिन बिना किसी शोर-शराबे के मेडिकल कराकर जेल भेज दिया गया। न तो प्रेस को बुलाया गया और न ही कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई।

यह मामला न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि मोहर्रम से पहले एक संभावित बड़ी साजिश की ओर भी इशारा करता है।

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