
- भारत की कूटनीतिक कार्रवाइयों से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था डगमगाई
- पाकिस्तान की धरती से आतंक को समर्थन महंगा पड़ा, शेयर बाजार औंधे मुंह गिरा
- भारत के तीखे रुख से घबराए पाक निवेशक, KSE-100 इंडेक्स में बड़ी गिरावट
नई दिल्ली। पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया का सीधा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। भारत की सख्त कूटनीतिक कार्रवाई से डरे पाकिस्तानी निवेशकों ने गुरुवार को शेयर बाजार से हाथ खींच लिए, जिससे कराची स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख KSE-100 इंडेक्स 2.12% की गिरावट के साथ 2,485.85 अंक लुढ़क गया। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई निर्णायक कदम उठाए। इनमें सिंधु जल संधि का निलंबन, वाघा-अटारी सीमा को तत्काल प्रभाव से बंद करना और पाकिस्तानी नागरिकों के लिए SAARC वीजा छूट योजना को रद्द करना शामिल है। इन कदमों ने पाकिस्तान के आर्थिक हालात को और जटिल बना दिया है।
IMF और Fitch की चेतावनियों ने और बढ़ाया संकट
इससे पहले, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान की विकास दर का अनुमान घटाकर 2.6% कर दिया था, वहीं फिच रेटिंग्स ने भी देश की आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता को लेकर चिंता जताई थी। कमजोर होते पाकिस्तानी रुपये और आतंकी गतिविधियों के केंद्र बनने की छवि ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
मोदी की चेतावनी: “आतंक के आकाओं की कमर तोड़ देंगे”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के झंझारपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति आतंक के आकाओं की कमर तोड़कर रहेगी। अब आतंकियों की बची-खुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है।








