अम्बेडकर नगर। जिले में वृद्धावस्था पेंशन योजना में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। कटेहरी विकास खंड के ग्राम प्रतापपुर चमुर्खा में एक वृद्ध की फरवरी 2024 में मृत्यु हो गई थी, लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड में उसे जीवित दर्शाया जाता रहा। परिणामस्वरूप मृतक के नाम पर लगातार 9 महीने तक पेंशन की राशि निकाली गई।
मौत के बाद भी चलता रहा भुगतान
सूत्रों के अनुसार फरवरी में मृत्यु होने के बावजूद अक्टूबर में जाकर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया गया। इस अवधि में पेंशन नियमित रूप से खाते में आती रही। जांच में सामने आया है कि ग्राम पंचायत अधिकारी गौरव कुमार ने मृत्यु की सूचना उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाई, जिससे पेंशन भुगतान बंद नहीं हो सका।
पंचायत अधिकारी की भूमिका पर सवाल
प्राथमिक जांच में ग्राम पंचायत अधिकारी गौरव कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर रिकॉर्ड अपडेट नहीं किया और मृतक के परिजनों के साथ समन्वय बनाकर पेंशन जारी रखी। प्रशासनिक स्तर पर इसे गंभीर लापरवाही और संभावित वित्तीय अनियमितता माना जा रहा है।
बैंक प्रक्रिया भी जांच के घेरे में
मामले में यह तथ्य भी सामने आया है कि 9 महीनों की पेंशन राशि को सीधे बैंक लोन में समायोजित कर दिया गया। इससे बैंक प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बिना मृत्यु सत्यापन के लोन एडजस्टमेंट कैसे हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
प्रशासनिक हलकों में हलचल
मामले के उजागर होते ही जिला प्रशासन में हलचल मच गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और दोषियों की पहचान होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर भी समीक्षा की तैयारी है।








