
गाजीपुर। लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा करीब आते ही गंगा घाटों की सफाई और सजावट का काम जोरों पर है। हालांकि, कई घाटों के पास नालों का गंदा पानी सीधे गंगा में मिल रहा है, जिससे गंगाजल दूषित हो रहा है। नगर पालिका ने इस गंदगी को छिपाने के लिए नाले पर पर्दा डाल दिया है।
गंगाजल की पवित्रता को खतरा
छठ पूजा के दौरान गंगाजल की पवित्रता सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। दूषित जल श्रद्धालुओं की आस्था और स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार का प्रदूषण पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी
जिले के प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी हाल ही में मिली है और वे अधिकारियों से बात करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि छठ पूजा की तैयारियों को लेकर बैठक हो चुकी है।
नगर पालिका का दावा है कि शहर का सीवर कार्य पूरा हो चुका है और सभी घरों को सीवर लाइन से जोड़ा गया है। बावजूद इसके, नालों का पानी गंगा में बह रहा है, जो प्रशासन और जनप्रतिनिधियों दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।








