- 1856 घन मीटर मिट्टी का भुगतान, मौके पर मात्र 280 घन मीटर कार्य मिला
- डीसी मनरेगा की टीम ने कार्य को सही बताया, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं
- थाना प्रभारी बोले—दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी, साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं
अंबेडकरनगर। कटेहरी विकास खंड की ग्राम पंचायत सरखने किशुनीपुर में मनरेगा के तहत तालाब खुदाई में 5.41 लाख के घोटाले में प्रधान, तकनीकी सहायक व सचिव के विरुद्ध महरुआ में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
ग्राम निवासी राजीव कुमार दुबे ने 11 अगस्त को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया था। इसमें आरोप लगाया गया कि तालाब की खुदाई और मिट्टी डाले जाने के नाम पर 6.50 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि मौके पर काम बहुत कम हुआ था। शिकायत पर डीएम अनुपम शुक्ला ने डीसी मनरेगा विजय अस्थाना के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम को जांच के लिए गठित किया था। 18 अगस्त को की गई जांच के बाद समिति ने शिकायत को गलत ठहराते हुए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी थी। इस पर सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने दोबारा मौके पर जाकर गहनता से जांच की थी। इसमें पाया कि तालाब किनारे केवल 280 घन मीटर मिट्टी डाली गई थी, जबकि भुगतान 1856 घन मीटर का कर दिया गया। इस तरह 1776 घन मीटर मिट्टी का अंतर सामने आया। जांच में स्पष्ट हुआ कि 5,41,376 रुपये का अतिरिक्त भुगतान कर सरकारी धन का गबन हुआ है। सीडीओ ने कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र प्रेषित किया था। उपायुक्त श्रम रोजगार ने 12 सितंबर को बीडीओ को पत्र लिखकर कार्रवाई करने के आदेश जारी किया। बीडीओ कटेहरी हौसिला प्रसाद ने ग्राम प्रधान रीता देवी, ग्राम पंचायत अधिकारी सरिता शुक्ला और तकनीकी सहायक ब्रह्मदेव त्रिपाठी के खिलाफ महरुआ थाने में सरकारी धन के दुरुपयोग समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया है।








