
- परिवार महोबा में था, प्रियंका अकेली घर में थी
- पड़ोसियों ने बदबू आने पर पुलिस को सूचित किया
- प्रियंका का शव चार दिन बाद कमरे में पाया गया
मेरठ। मेरठ के ग्रेटर गंगा कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक युवती ने सिविल सेवा परीक्षा में असफलता के बाद आत्महत्या कर ली। प्रियंका, जो एक रिटायर्ड DGM की बेटी थी, ने 22 अप्रैल को अपनी जान ले ली। प्रियंका (40) का सुसाइड नोट अंग्रेजी में लिखा गया था, जिसमें उसने अपनी मृत्यु का कारण अपने असफल प्रयासों को बताया। उसने नोट में यह भी लिखा कि उसका कोई दोषी नहीं है और यह कदम उसने पूरी तरह से अपनी इच्छा से उठाया है।
प्रियंका की परीक्षा में विफलता और तनाव ने उसे इस गंभीर कदम तक पहुंचाया। युवती 4 बार सिविल सेवा की परीक्षा में भाग ले चुकी थी, लेकिन हर बार वह असफल रही। 12 अप्रैल को प्रियंका के माता-पिता महोबा गए थे, और प्रियंका अकेली घर में थी। कुछ दिन बाद, पड़ोसियों ने घर से आ रही दुर्गंध को महसूस किया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो प्रियंका का शव पंखे से लटका हुआ पाया गया।
प्रियंका की मृत्यु के बाद, यह घटना गंगानगर थाना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई, और परिवार के लिए यह शोक का कारण बन गई। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच से यह साफ होता है कि प्रियंका ने सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों के बाद मानसिक दबाव और तनाव के कारण यह कदम उठाया।







