
- पीड़िता डॉक्टर ने कड़ी कार्रवाई की मांग की थी; प्रशासन ने वॉर्निंग देकर एफिडेविट जमा करने को कहा
- घटना 17 सितंबर को हुई, रेजिडेंट डॉक्टर ने लिखित शिकायत 19 सितंबर को दर्ज कराई
- विशाखा समिति ने जांच में आरोप सही पाया और कार्रवाई की सिफारिश की
अलीगढ़/लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (KGMU) में जूनियर डॉक्टर से छेड़छाड़ के आरोप में आरोपी प्रोफेसर डॉ. राधेश्याम गंगवार को क्वीन मैरी अस्पताल के ICU इंचार्ज पद से हटाकर उनके मूल विभाग जिरिएट्रिक मेंटल हेल्थ में भेज दिया गया है। प्रशासन ने कार्रवाई के नाम पर उन्हें केवल लिखित चेतावनी (वॉर्निंग) दी और एफिडेविट जमा करने को कहा।
घटना 17 सितंबर की है, जब जम्मू-कश्मीर की रेजिडेंट डॉक्टर ने ICU शिफ्टिंग के दौरान प्रोफेसर पर अश्लील टिप्पणी और छेड़छाड़ का आरोप लगाया। पीड़िता ने 19 सितंबर को लिखित शिकायत KGMU प्रशासन को सौंपा।
KGMU प्रशासन ने मामले को विशाखा समिति को सौंपा, जिसने जांच के बाद आरोप सही पाया। इसके बाद प्रशासन ने प्रोफेसर को ICU से हटाकर उनके मूल विभाग में वापस भेजा। आदेश में कहा गया कि तत्काल प्रभाव से जिरिएट्रिक मेंटल हेल्थ विभाग में कार्यभार ग्रहण किया जाए।
KGMU प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि कार्रवाई में एफिडेविट और वॉर्निंग शामिल है। यह कदम शिकायतकर्ता की सुरक्षा और अस्पताल में अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया। प्रो. गंगवार मार्च 2021 से क्वीन मैरी में ICU इंचार्ज के पद पर तैनात थे।
इस मामले में पीड़िता और कई डॉक्टरों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। प्रशासन ने कहा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी सीनियर स्टाफ को भी एफिडेविट जमा कराने का निर्देश दिया गया है।








