- 22 से 28 मई तक रोजाना 3 घंटे प्रदर्शन, 29 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल
- अडानी पावर से बिजली खरीद पर सवाल, महंगी दरों का विरोध
- आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का 72 घंटे का कार्य बहिष्कार
लखनऊ। लखनऊ में बिजली कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा है। संविदा कर्मियों के पांच सूत्री मांगों के साथ अब नियमित कर्मचारी भी शामिल हो गए हैं। वे निजीकरण को रद्द करने की मांग पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दे रहे हैं। इससे शहर की बिजली व्यवस्था पर भारी असर पड़ने की संभावना है।
तीन घंटे रोज प्रदर्शन, 29 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने 22 से 28 मई तक रोजाना दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक तीन घंटे प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसके बाद 29 मई से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की तैयारी है। समिति संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन होगा और 29 मई को संघर्ष निर्णायक मोड़ पर पहुंच जाएगा।
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पावर कॉरपोरेशन पर गंभीर आरोप
संघर्ष समिति ने यूपी पावर कॉरपोरेशन की बैलेंस शीट को फर्जी बताया है और उपभोक्ताओं को महंगी बिजली के जाल में फंसाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा अडानी पावर से 1500 मेगावाट बिजली खरीद समझौते पर सवाल उठाए गए हैं, जिसे निजीकरण की साजिश करार दिया गया है।
आउटसोर्सिंग कर्मी 72 घंटे हड़ताल पर
UPPCL के आउटसोर्सिंग कर्मचारी मंगलवार से 72 घंटे के लिए कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। वे वेतन भेदभाव, सेवा समाप्ति और ईपीएफ घोटाले जैसी समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
गर्मी में उपभोक्ताओं को होगी परेशानी
इस हड़ताल के कारण करीब 10 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति में बाधा का सामना करना पड़ सकता है।








