
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि समाजवादी सरकार की देन पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की गुणवत्ता के साथ उत्तर प्रदेश की मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने समझौता किया है।
अखिलेश ने सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ‘राम राम जपना पराया़़ ” के मुहावरे को अमल में लाने वाली योगी सरकार ने सपा सरकार की देन समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का नाम बदलने के साथ लागत कम करने के नाम पर उसकी गुणवत्ता के साथ समझौता किया जिसके फलस्वरूप पिछले दिनो हुयी बरसात में नवनिर्मित एक्सप्रेस वे पर जल जमाव देखने को मिला। उन्होने कहा कि सरकार की दलील है कि सड़क की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सामान्य बिटुमेन की जगह ‘क्रंब रबर मॉडिफाइड बिटुमेन’ के साथ मिश्रित रबर के टुकड़ों का इस्तेमाल किया गया है।
रबर के अलावा कुछ जगहों पर पॉलिमर के साथ मिश्रित बिटुमेन का भी इस्तेमाल किया गया है। अगर ऐसा है तो जल जमाव कैसे हुआ। उन्होने कहा कि उनके कार्यकाल में तैयार आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर अगर वाहन 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से भी चले तो हाथ में पकड़ा चाय का प्याला झलकेगा नहीं जबकि पूर्वांचल एक्सप्रेस से दिल्ली तक के सफर में कमर दुखना तय है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समाजवादियों की परियोजना का उदघाटन करते हुये गर्व महसूस करेंगे मगर दुर्भाग्य है कि हमारे द्वारा बनाये गए एक्सप्रेस वे पर हम लोगो को ही चलने की अनुमति नही दी जा रही है। सुलतानपुर में सपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता के घरों में पुलिस घूमने लगी है। कार्यकर्ताओं को रोकने के लिये एक्सप्रेस वे पर बोल्डर रख दिये गए है।








