लखनऊ। शीतकालीन सत्र के 7वें दिन मंगलवार को लोकसभा में चुनाव सुधारों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर चर्चा हुई। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि RSS देश की सभी संस्थाओं पर कब्जा करना चाहती है, चुनाव आयोग, ED, CBI, IB और इनकम टैक्स विभाग पर नियंत्रण किया जा रहा है। राहुल ने दावा किया कि देशभर की विश्वविद्यालयों में RSS के वाइस चांसलर बैठाए गए हैं।
विपक्ष की आलोचना
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग मिलकर SIR के बहाने NRC से जुड़े काम कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि देश के 12 राज्यों में चल रहा SIR गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग SIR नहीं करा सकता और देश में चुनावों से पहले डायरेक्ट केस ट्रांसफर पर रोक लगनी चाहिए। साथ ही उन्होंने चुनाव आयुक्त के चयन में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और CJI को शामिल करने की मांग की।
सत्र में विपक्ष की भूमिका
लोकसभा के शीतकालीन सत्र की शुरूआत से ही विपक्ष SIR और वोट चोरी पर चर्चा की मांग कर रहा था। पहले दो दिन हंगामे के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 2 दिसंबर को सरकार और विपक्ष के नेताओं को बैठक के लिए बुलाया। इसके बाद 9 दिसंबर को लोकसभा में 10 घंटे की चर्चा करने पर सहमति बनी।








