
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को फिर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एनुअल लीगल कॉन्क्लेव 2025 में कहा—भारत का इलेक्शन सिस्टम मर चुका है। हमारे पास ऐसे ठोस सबूत हैं, जिससे यह साफ हो जाएगा कि लोकसभा चुनाव में धांधली हुई है और इसी कारण नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बने।
राहुल ने कहा कि अगर 10-15 सीटों पर धांधली न होती, तो मोदी सरकार नहीं बनती। उन्होंने चुनाव आयोग पर वोट चोरी कराने का आरोप दोहराते हुए कहा कि “हम जल्द ही देश के सामने सबूत रखेंगे।”
उन्होंने 1 अगस्त को दिए अपने बयान को दोहराते हुए कहा था—हमारे पास एटम बम है, जब फटेगा तो चुनाव आयोग बचेगा नहीं। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पलटवार करते हुए कहा—अगर आपके पास परमाणु बम है तो उसे फोड़ दें, लेकिन खुद को बचाकर रखिए।
“हम जीत कर भी हार गए”
राहुल ने दावा किया कि 2014 से ही उन्हें चुनाव प्रणाली पर शक था। उन्होंने कहा, लोकसभा में हम चुनाव जीते, लेकिन चार महीने बाद विधानसभा चुनाव में हम पूरी तरह हार गए। महाराष्ट्र में एक करोड़ नए वोटर जुड़े और उनका ज्यादातर वोट भाजपा को गया।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची को स्कैन या कॉपी नहीं करने देता। आखिर वह क्या छिपा रहा है? उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संस्था अब अस्तित्व में ही नहीं है।
कर्नाटक में गड़बड़ी का आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि कर्नाटक की एक सीट पर चुनाव में भारी गड़बड़ी हुई है। एक ही निर्वाचन क्षेत्र में 50 से 65 वर्ष के हजारों नए वोटर जोड़े गए, जबकि युवा वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चुनाव आयोग को लगता है कि वह बच जाएगा, तो यह उसकी गलतफहमी है।
बिहार में भी चुनाव आयोग पर घिरी सरकार
वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर बिहार में विपक्ष हमलावर है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची से 65 लाख मतदाता हटा दिए गए हैं। पहले चरण के आंकड़ों के मुताबिक कुल मतदाता 7.89 करोड़ से घटकर 7.24 करोड़ रह गए हैं।








