
अम्बेडकरनगर। करोड़ों रुपये की लागत से बने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की सड़कों ने महज एक महीने में ही जवाब देना शुरू कर दिया है। कटका टोल प्लाजा से चोरमरा टोल प्लाजा के बीच कई स्थानों पर सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सबसे गंभीर स्थिति किमी संख्या 60 पर देखने को मिल रही है, जहां सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है।
उद्घाटन के कुछ ही हफ्तों में निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
एक ओर जहां इस 91.35 किलोमीटर लंबे संपर्क मार्ग को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने का दावा करते हुए इसे पूर्वांचल के विकास की रीढ़ बताया गया, वहीं दूसरी ओर सड़क की गुणवत्ता की पोल कुछ ही सप्ताह में खुल गई है।
गोरखपुर, संत कबीर नगर, अम्बेडकरनगर और आजमगढ़ जैसे जिलों को जोड़ने वाला यह संपर्क मार्ग यूपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) की निगरानी में तैयार हुआ था।
मरम्मत का कार्य शुरू, लेकिन जवाबदेही अनुत्तरित
सड़क के उखड़ने की खबर फैलते ही यूपीडा द्वारा कुछ स्थानों पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।एडीएम सदानंद गुप्ता ने बताया कि मामले की जानकारी प्राप्त कर ली गई है, यूपीडा से समन्वय स्थापित कर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत जल्द कराई जाएगी।
हालांकि मरम्मत शुरू होना यह दर्शाता है कि निर्माण में कहीं न कहीं लापरवाही बरती गई, लेकिन अब तक किसी एजेंसी या ठेकेदार की जवाबदेही तय नहीं हुई है।
सड़क की मौजूदा स्थिति पर विशेषज्ञों का कहना है कि “ऐसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सड़क निर्माण के लिए प्रथम श्रेणी की इंजीनियरिंग, समुचित ड्रेनेज और टॉप लेयर पर विशेष गुणवत्ता की आवश्यकता होती है। यदि सड़क एक महीने में ही उखड़ने लगे, तो इसका मतलब या तो निर्माण सामग्री में कमी रही या निगरानी पूरी तरह से अनुपस्थित रही।”








