
अंबेडकरनगर, किछौछा। अगहन मेला सम्पन्न होने के बाद किछौछा शरीफ में सलमानी समाज की पारंपरिक आस्था एक बार फिर दिखाई दी। समाज के सदस्यों ने सूफी संत हजरत सैय्यद मखदूम अशरफ की मजार मुबारक पर चादर चढ़ाकर अमन, चैन और शांति की दुआएं मांगी। हर वर्ष की भांति इस बार भी बड़ी संख्या में समाज के लोग एकजुट होकर दरगाह पहुंचे और अकीदत के साथ रस्में अदा कीं।
जुलूस के रूप में पहुंचा काफिला, दरगाह पर हुआ गर्मजोशी से इस्तकबाल
सुबह से ही सलमानी समाज के विभिन्न क्षेत्रों से लोग काफिलों के रूप में किछौछा पहुंचते रहे। नगर पंचायत क्षेत्र के यूनियन अध्यक्ष मोहम्मद इरशाद के नेतृत्व में मुख्य जुलूस बरियावन रोड से निकलकर दरगाह परिसर तक पहुंचा।
दरगाह पहुंचने पर समाज के पदाधिकारियों का फूलों का सेहरा पहनाकर स्वागत किया गया। जुलूस मार्ग में लोगों ने पंखुड़ियों की वर्षा कर काफिले का इस्तकबाल किया, जबकि मजार पर पहुंचकर सभी ने चादर और गुलाब की पेटियां पेश कीं। दरगाह के वातावरण में इबादत, अकीदत और रुहानी सुकून का माहौल बना रहा।
अकीदत के साथ अदा की गई रस्में, मजार पर चढ़ाई गई चादर
सलमानी समाज के प्रतिनिधियों ने मजार पर चादर चढ़ाने के साथ गुलाब, अत्तर और चंदन पेश किया। समाज के सदस्यों ने क्षेत्र, समाज और देश में सुख-शांति की दुआएं कीं।
जुलूस में शामिल लोगों ने बताया कि यह सिलसिला वर्षों से चला आ रहा है और अगहन मेले के बाद सलमानी समाज द्वारा मजार शरीफ पर चादरपोशी की यह परंपरा निरंतर जारी है।
पदाधिकारी और जिम्मेदार लोग रहे मौजूद
चादरपोशी के दौरान सलमानी समाज से जुड़े कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें दिलशाद ठेकेदार, शरीफ सभासद, सफीक सलामी, जुनेद सलमानी, वसीम सलमानी, अबरे आलम, शब्बीर, सफीक, हाजी अलीमुल्ला सहित कई अन्य लोग शामिल रहे।
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