अंबेडकरनगर। जनपद में सतत् विकास लक्ष्य (SDG)–2 एवं 3.2 को ध्यान में रखते हुए कुपोषण और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से शासन द्वारा संचालित संभव अभियान 5.0 का शुभारंभ किया गया है। अभियान का मुख्य लक्ष्य पांच वर्ष तक के बच्चों में स्टन्टिंग (नाटापन) और वेस्टिंग (दुबलापन) की दर को कम करना तथा नवजात शिशु और छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर घटाना है।
सतत् विकास लक्ष्य के अनुरूप ठोस कदम
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2030 तक पांच वर्ष तक के बच्चों में स्टन्टिंग की दर को 40 प्रतिशत तक घटाने, वेस्टिंग की दर को 5 प्रतिशत से कम करने, नवजात शिशु मृत्यु दर को प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 12 से कम तथा 06 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर को प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 25 से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में जिला प्रशासन ने चयनित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर विशेष निगरानी और मापन अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
शीर्ष 100 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर फोकस
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद स्तर पर सबसे अधिक स्टन्टिंग की दर वाले शीर्ष 100 आंगनबाड़ी केन्द्रों को चिन्हित किया गया है। इन केन्द्रों पर निरंतर निगरानी और मूल्यांकन किया जाएगा। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के वास्तविक आंकड़े संग्रहित हों और आवश्यक सुधारात्मक कदम समय पर उठाए जा सकें।
22 से 29 सितंबर तक विशेष मापन अभियान
दिनांक 22 सितंबर से 29 सितंबर 2025 तक चयनित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर विशेष मापन एवं निगरानी अभियान संचालित किया जाएगा। नामित नोडल अधिकारी स्वयं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर जाकर ग्रोथ मॉनिटरिंग प्रक्रिया की गहन समीक्षा करेंगे।








