नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले को नोटिस जारी किया। अदालत ने राउत से मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत पर की गई टिप्पणियों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। दोनों से पूछा गया है कि उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए।
चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर की थी आलोचना
संजय राउत ने चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर INDIA ब्लॉक के नेताओं से मुलाकात नहीं करने को लेकर CJI सूर्यकांत की आलोचना की थी। इसी टिप्पणी को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
SCBA की याचिका पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की ओर से दायर आपराधिक अवमानना याचिका पर हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने संस्थानों पर हमलों को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कोर्ट ने संजय राउत और निखिल वागले से इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।
अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत पेशी से छूट
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दे दी है। अदालत पहले उनके जवाब पर विचार करेगी। इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।









