- लखनऊ में डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर विज्ञान प्रदर्शनी
- गोमती नगर मदरसा दारुल उलूम वारसिया में आयोजन
- 20+ मदरसों के बच्चों ने साइंस और टेक्नोलॉजी मॉडल प्रदर्शित किए
लखनऊ। पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर बुधवार को गोमती नगर स्थित मदरसा दारुल उलूम वारसिया में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री दानिश आजाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
साइंस और टेक्नोलॉजी के मॉडल प्रदर्शित
प्रदर्शनी में मदरसे के छात्रों ने साइंस और टेक्नोलॉजी के विभिन्न मॉडल तैयार किए। राज्य मंत्री दानिश आजाद ने सभी स्टॉल्स का दौरा कर बच्चों के तैयार किए गए मॉडल्स की प्रशंसा की। इस एग्जीबिशन में 20 से अधिक मदरसों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने डॉ. कलाम पर अंग्रेजी, उर्दू और अन्य भाषाओं में भाषण भी दिए।
दानिश आजाद का संदेश
दानिश आजाद ने कहा कि मोदी और योगी सरकार का उद्देश्य मुसलमान बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि डॉ. कलाम की जिंदगी प्रेरणादायक है और यह दिखाती है कि साधारण परिवार का बच्चा मेहनत और ईमानदारी से वैज्ञानिक या डॉक्टर बन सकता है।
उन्होंने कहा, “मदरसे के बच्चों के एक हाथ में कुरान, दूसरे हाथ में लैपटॉप है। यह साइंस एग्जीबिशन हमारी सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। अब इन्हीं बच्चों में से डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक निकलेंगे। मदरसे के बच्चे टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंडिया के साथ आगे बढ़ रहे हैं।”








