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जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में जुटे लोग
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सुरक्षा के मद्देनज़र भारी पुलिस बल की तैनाती
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प्रदर्शन का नेतृत्व शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने किया
लखनऊ। लखनऊ के बड़े इमामबाड़ा स्थित आसिफी मस्जिद पर शुक्रवार को शिया समुदाय ने सऊदी अरब में इस्लामिक स्थलों के विध्वंस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। जुमे की नमाज के बाद संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। प्रदर्शन का नेतृत्व शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद कर रहे हैं।
200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात, टीले वाली मस्जिद पर भी सतर्कता
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में 1 कंपनी पीएसी, 1 कंपनी एसएसबी और स्थानीय पुलिस के साथ 200 से अधिक जवानों की तैनाती की है। साथ ही, टीले वाली मस्जिद के आसपास भी वक्फ बिल से जुड़े संभावित विरोध को लेकर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सऊदी अरब में इस्लामिक विरासत ध्वंस पर जताई नाराजगी
मजलिसे उलेमा-ए-हिंद का कहना है कि सऊदी अरब के मदीना शहर में पैगंबर मोहम्मद साहब की बेटी हजरत फातिमा जहरा और चार प्रमुख इमामों की मजार को ध्वस्त कर दिया गया था। यह कृत्य शिया समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है। इसी के विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है।
जन्नतुल बकी कब्रिस्तान से जुड़ा है विवाद
संगठन ने जानकारी दी कि 1925 में सऊदी सरकार ने मदीना के जन्नतुल बकी कब्रिस्तान में मौजूद पैगंबर की बेटी, उनकी पत्नी, पोते हजरत इमाम हसन, और अन्य साथियों की कब्रों को ढहा दिया था। इसके पुनर्निर्माण की मांग को लेकर लंबे समय से आवाज़ उठाई जा रही है।
प्रशासन का दावा – शांति व्यवस्था बनी हुई है
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि जुमे को इमामबाड़ा पर पहले से ही पर्याप्त फोर्स तैनात की जाती है। इस बार प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। फिलहाल नमाज शांति से अदा की जा रही है और हालात नियंत्रण में हैं।








