
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बुधवार सुबह एक विवादित पोस्टर चर्चा का विषय बन गया। यह पोस्टर अंबेडकर चौक पर सपा नेता अविनाश तिवारी ने लगवाया था, जिसमें भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन की फोटो के साथ तंज भरी टिप्पणी लिखी गई है। पोस्टर लगते ही इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं।
पोस्टर में क्या है खास?
सपा के लाल-हरे रंग के इस पोस्टर में एक तरफ मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड गोरखपुर के जिलाध्यक्ष अविनाश तिवारी की फोटो लगी है, वहीं दूसरी तरफ सांसद रवि किशन की हाथ में समोसा लिए हुए तस्वीर लगाई गई है। पोस्टर में लिखा गया है—
“गोरखपुर के ज्वलंत अतिगंभीर मुद्दा आलू का समोसा सदन में उठाए जाने के बाद रवि किशन को सांसद रत्न पुरस्कार से सम्मानित होने पर हार्दिक बधाई।”
नीचे लिखा गया है—
“अगर गोरखपुर में जल जमाव पर ध्यान दिया होता तो 8 वर्ष की बच्ची आफरीन की मृत्यु नहीं हुई होती।”
पोस्टर को लेकर सुबह से ही शहर में चर्चा का माहौल है। प्रशासन ने विवाद बढ़ने से पहले ही चौराहे से पोस्टर हटवा दिया।
रवि किशन का संसद में बयान और समोसे का जिक्र
दरअसल, सांसद रवि किशन ने हाल ही में संसद में होटलों और ढाबों में मिलने वाले भोजन की मात्रा का मानक तय करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि मेन्यू कार्ड में कीमत के साथ मात्रा भी लिखी जानी चाहिए, ताकि ग्राहकों को पारदर्शिता मिले और भोजन का वेस्टेज रोका जा सके। इसी बयान में उन्होंने समोसे का उदाहरण दिया था, जिसके बाद वह सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार हो गए।
पोस्टर विवाद के पीछे दर्दनाक हादसा
पोस्टर में जिस बच्ची आफरीन का जिक्र किया गया है, वह 8 साल की थी और गोरखपुर के घोसीपुरा मोहल्ले की रहने वाली थी। सोमवार को आफरीन अपने भाई के साथ मदरसे से लौट रही थी, तभी वह खुले नाले में गिर गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि वह करीब 100 मीटर तक बहती रही। लोगों ने नाले में उतरकर उसे बाहर निकाला और CPR देकर निजी अस्पताल ले गए। बाद में जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने आफरीन को मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे के बाद गोरखपुर में जल जमाव और नाले की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। सपा नेता ने इसी मुद्दे को पोस्टर के जरिए उठाते हुए भाजपा सांसद पर तंज कसा।
सोशल मीडिया पर हंगामा, पोस्टर हटवाया गया
पोस्टर लगते ही सोशल मीडिया पर इसकी फोटो और वीडियो वायरल हो गए। लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे सांसद की प्राथमिकताओं पर सवाल बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक स्टंट कह रहे हैं। विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने अंबेडकर चौक से पोस्टर हटवा दिया।








