मुरादाबाद। कभी भाजपा नेताओं पर तीखी टिप्पणी करने वाली सपा सांसद रुचिवीरा इन दिनों भाजपा नेताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई हैं। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति ‘दिशा’ की बैठक के दौरान भाजपा नेताओं ने सपा सांसद के प्रति जिस तरह का व्यवहार किया, उसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
भाजपा की जिला पंचायत अध्यक्ष ने मांगा पर्सनल नंबर
गुरुवार को मुरादाबाद सर्किट हाउस में हुई ‘दिशा’ की बैठक में भाजपा की जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली चौहान सपा सांसद रुचिवीरा से सबसे अधिक प्रभावित दिखीं। बैठक खत्म होते ही उन्होंने सांसद से जाकर उनका निजी नंबर मांगा।
एमएलसी गोपाल अंजान ने भी दिखाई नजदीकी
भाजपा एमएलसी गोपाल अंजान भी अपनी सीट छोड़कर सांसद रुचिवीरा के पास पहुंचे और हाथ जोड़कर खड़े हो गए। विपक्ष की सांसद को भाजपा नेताओं से मिले इस सम्मान ने वहां मौजूद लोगों को भी हैरान कर दिया।
पुराना राजनीतिक टकराव, नया अंदाज़
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान रुचिवीरा ने भाजपा के तत्कालीन प्रत्याशी कुंवर सर्वेश सिंह पर मंच से विवादित टिप्पणी की थी। उस समय दोनों दलों के नेताओं के बीच कड़वे डायलॉग हुए थे। लेकिन अब ‘दिशा’ बैठक में दिखाई इस नई केमिस्ट्री ने सियासी समीकरणों को नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया है।
सियासी रणनीति की चर्चा
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि भाजपा नेताओं का यह व्यवहार महज औपचारिक नहीं है, बल्कि भविष्य के चुनावों की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि यह ‘जुगलबंदी’ व्यक्तिगत स्तर तक सीमित है या इसके पीछे 2027 विधानसभा चुनाव की कोई बड़ी तैयारी है।
दोनों नेताओं की पृष्ठभूमि
रुचिवीरा आजम खां की करीबी मानी जाती हैं और उनकी पूरी राजनीति आजम खां के इर्द-गिर्द रही है। वहीं डॉ. शैफाली पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष बनी हैं और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह की करीबी मानी जाती हैं।
हलचल तेज, चर्चाएं गर्म
इस वीवीआईपी ट्रीटमेंट और तस्वीरों ने भाजपा और सपा दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं को हैरान कर दिया है। अब हर कोई इस बदलाव के राजनीतिक मायने तलाशने में जुटा है।








