अम्बेडकरनगर— जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर नए सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर, वार्ड बॉय और अन्य मेडिकल स्टाफ फुरसत के क्षणों में मोबाइल कैमरे के सामने रील बनाते नजर आ रहे हैं। वीडियो के दृश्यों में कई कर्मचारी एक साथ पोज देते दिखते हैं, जबकि सामान्यतः इमरजेंसी विभाग 24 घंटे सक्रिय रहने वाला अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।
इमरजेंसी वार्ड में इतनी फुरसत कैसे?
वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अस्पताल के इमरजेंसी जैसे महत्वपूर्ण विभाग में सभी स्टाफ को एक ही समय पर रील बनाने की फुरसत कैसे मिल गई। आमतौर पर इस वार्ड में लगातार मरीजों का आना-जाना रहता है, और किसी भी समय गंभीर स्थिति वाले मरीजों को त्वरित चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है। ऐसे में पूरे स्टाफ का एक साथ मोबाइल पर व्यस्त दिखाई देना अस्पताल व्यवस्था के लिए चिंताजनक माना जा रहा है।
कर्मियों द्वारा बनाए गए वीडियो में हल्के-फुल्के अंदाज में रील शूट करने की गतिविधियाँ दिखती हैं, जिससे यह भी सवाल पैदा हो रहा है कि क्या उस समय इमरजेंसी वार्ड में कोई गंभीर मरीज नहीं था या फिर वीडियो बनाने के दौरान विभाग की जिम्मेदारियों की अनदेखी की गई।
एक साथ वीडियो शूट और वायरल, अस्पताल प्रशासन पर दबाव
वीडियो के सोशल मीडिया पर फैलते ही अस्पताल प्रशासन पर घटनाक्रम की जांच का दबाव बढ़ गया है। अस्पतालों में कर्मचारियों के लिए मोबाइल उपयोग को लेकर निश्चित दिशा-निर्देश मौजूद रहते हैं, विशेष रूप से इमरजेंसी विभाग में यह नियम और भी कड़े माने जाते हैं। बावजूद इसके, पूरे समूह का रील बनाना और उसे वायरल करना अस्पताल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न छोड़ रहा है।








