
अम्बेडकरनगर। जनपद को बाल विवाह एवं बाल श्रम मुक्त जिला बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जन विकास संस्थान अंबेडकरनगर द्वारा जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से एक्सेस टू जस्टिस (न्याय तक पहुंच) कार्यक्रम के अंतर्गत पंचायत स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति का गठन किया गया।इस पहल का उद्देश्य ग्राम स्तर पर बच्चों के अधिकारों की रक्षा, सुरक्षा और उनके समग्र कल्याण को सुनिश्चित करना है।
हर पंचायत में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी तय
कार्यक्रम के तहत जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्थानीय प्रतिनिधियों और समुदाय के सहयोग से समितियों का गठन किया गया। इन समितियों में ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायक अध्यापक और ग्राम पंचायत के नामित सदस्य शामिल हैं।
समिति का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह, बाल श्रम, बाल उत्पीड़न और बाल अधिकारों के हनन से संबंधित मामलों की पहचान, रोकथाम और समाधान सुनिश्चित करना है।इन समितियों को ग्राम स्तर पर बाल अधिकारों की निगरानी और संरक्षण का दायित्व सौंपा गया है।
बाल विवाह रोकना सामूहिक जिम्मेदारी: अवधेश कुमार यादव
कार्यक्रम का संचालन जन विकास संस्थान के प्रोजेक्ट मैनेजर अवधेश कुमार यादव ने किया।उन्होंने कहा कि संस्था का लक्ष्य है कि अम्बेडकरनगर को बाल विवाह मुक्त और बाल श्रम मुक्त जिला बनाया जाए।उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है, बल्कि कानूनन अपराध भी है।उन्होंने कहा कि “समय आ गया है कि हर नागरिक, हर पंचायत और हर संस्था बच्चों के भविष्य की सुरक्षा की दिशा में जिम्मेदारी निभाए।”








