
लखनऊ। लखनऊ सहित देश के कई बड़े शहरों में पढ़ाई कर रहे छात्रों पर LPG गैस संकट का असर गहराता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल को ज्ञापन देने की बात कही है।
“छात्रों के सामने खाने का संकट”
प्रदर्शन में शामिल छात्र नेता सूरज कुमार ने कहा कि LPG संकट का सबसे ज्यादा असर उन छात्रों पर पड़ रहा है, जो अपने घर से दूर रहकर दिल्ली, लखनऊ, प्रयागराज (इलाहाबाद) और वाराणसी (बनारस) जैसे शहरों में पढ़ाई कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अधिकतर छात्र छोटे-छोटे 10×10 के कमरों में रहते हैं, जहां न तो स्थायी गैस कनेक्शन है और न ही इलेक्ट्रिक चूल्हे की सुविधा। ऐसे में छात्र छोटे दुकानदारों से 2-3 किलो गैस खरीदकर किसी तरह खाना बनाते थे, लेकिन मौजूदा संकट ने इस व्यवस्था को भी ठप कर दिया है।
“गांव से आए छात्र भूखे रहने को मजबूर”
प्रदर्शन कर रहे अंशुल ने कहा कि गांवों से शहरों में पढ़ने आए छात्र सबसे ज्यादा परेशान हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई छात्र एक वक्त की रोटी के लिए तरस रहे हैं।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ओमप्रकाश राजभर खुद छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं, लेकिन आज छात्रों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी उन्होंने उदासीनता का आरोप लगाया।
राज्यपाल को सौंपेंगे ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या से अवगत कराएंगे और जल्द समाधान की मांग करेंगे। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।








