
- रुद्राक्ष में 8 अक्टूबर को होगा 47वां दीक्षांत समारोह
- मानविकी संकाय में जलजमाव पर छात्रों ने किया धान रोपाई प्रदर्शन
- छात्रों का आरोप: STP परियोजना में ढाई करोड़ रुपए का दुरुपयोग
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय का 47वां दीक्षांत समारोह 8 अक्टूबर को रुद्राक्ष परिसर में आयोजित होगा। इस आयोजन से पहले विश्वविद्यालय के छात्र नेता हर्षित तिवारी के नेतृत्व में छात्रों ने मानविकी संकाय के पार्क में जलजमाव पर धान की रोपाई कर विरोध प्रदर्शन किया।
छात्रों का आरोप
हर्षित तिवारी ने कहा कि पिछली बार राज्यपाल द्वारा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए विश्वविद्यालय को ढाई करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे, लेकिन ये पैसा सिर्फ कागजों में खर्च हुआ। इसके कारण मानविकी संकाय के पार्क में बारिश का पानी जमा है। छात्रों ने धान की रोपाई कर भ्रष्टाचार और अनियमितता का प्रदर्शन किया।
रुद्राक्ष में दीक्षांत क्यों?
छात्रों ने आरोप लगाया कि दीक्षांत समारोह रुद्राक्ष में आयोजित किया जा रहा है, ताकि राज्यपाल और उच्च शिक्षा मंत्री को विश्वविद्यालय के भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का पता न चले। उन्होंने इसे विरोध का कारण बताया।
एसटीपी परियोजना का दुरुपयोग
हर्षित ने कहा कि सरकार ने STP के लिए ढाई करोड़ रुपये दिए थे, ताकि बरसात और सीवर का पानी ट्रीटमेंट प्लांट में जाएगा, लेकिन विश्वविद्यालय ने सिर्फ टंकी बनाई और वास्तविक कार्य नहीं किया। मानविकी संकाय के पार्क में तीन दिन की बारिश का पानी अभी भी जमा है।
छात्रों की कार्रवाई
इस असंतोष और भ्रष्टाचार के विरोध में छात्रों ने पार्क में धान की रोपाई कर अपनी नाराजगी जताई और प्रशासन को चेताया कि भ्रष्टाचार पर ध्यान दिया जाए।








