- पूछा – चीन द्वारा 2000 वर्ग किमी कब्जे का दावा किस आधार पर
- सिंघवी बोले – बयान के आधार पर मानहानि नहीं बनती
- कोर्ट ने लखनऊ ट्रायल पर लगाई रोक, तीन हफ्ते बाद अगली सुनवाई
नई दिल्ली। भारतीय सेना और चीन को लेकर दिए गए बयान पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने सवाल किया कि राहुल गांधी को यह जानकारी कैसे मिली कि चीन ने भारत की 2,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा— “अगर आप सच्चे भारतीय होते तो इस तरह का बयान नहीं देते।”
कोर्ट ने तीन हफ्ते बाद सुनवाई तय की
राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि यह मामला एक तीसरे पक्ष द्वारा दायर किया गया है और केवल बयान के आधार पर मानहानि नहीं बनती। सिंघवी ने कहा कि इस तरीके से किसी व्यक्ति को परेशान नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद लखनऊ एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर अस्थायी रोक लगाते हुए तीन हफ्ते बाद मामला दोबारा सुनने को कहा है।
क्या है पूरा मामला?
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16 दिसंबर 2022 को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि चीन ने 2,000 वर्ग किमी भारतीय भूमि कब्जाई है, 20 भारतीय सैनिक मारे गए और अरुणाचल में भारतीय सैनिकों को पीटा गया।
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इस बयान पर BRO के पूर्व DG उदय शंकर श्रीवास्तव ने 11 जनवरी 2025 को लखनऊ एमपी/एमएलए कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया।
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समन जारी होने के बाद राहुल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की लेकिन 29 मई 2025 को कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।
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लगातार 5 बार गैरहाजिर रहने पर लखनऊ कोर्ट ने NBW जारी किया, जिसके बाद राहुल ने 15 जुलाई को सरेंडर किया और उसी दिन जमानत मिल गई।
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राहुल ने समन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की थी, जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई।
संसद में भी उठा चीन का मुद्दा
3 अप्रैल 2025 को लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा था कि चीन ने 4,000 वर्ग किमी जमीन पर कब्जा कर रखा है और ऐसे में विदेश सचिव का चीनी राजदूत के साथ केक काटना अजीब है। उन्होंने मांग की थी कि बातचीत से पहले जमीन वापस ली जाए।
गलवान की पृष्ठभूमि
15 जून 2020 को गलवान घाटी में हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। भारत ने करारा जवाब देते हुए करीब 40 चीनी सैनिकों को मार गिराया था। इसी घटना के बाद से राहुल गांधी चीन की घुसपैठ को लेकर लगातार सरकार पर हमला बोलते रहे हैं।








