- हाईकोर्ट्स से निर्णय न होने वाले केसों की सूची की मांग
- झारखंड HC ने एक हफ्ते में 75 केसों पर सुनवाई पूरी की
- याचिकाकर्ताओं का आरोप: न्याय में देरी, अनुच्छेद 21 का उल्लंघन
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देशभर के सभी हाईकोर्ट्स से उन पेंडिंग केसों की जानकारी मांगी, जिनमें 31 जनवरी 2025 से पहले फैसला सुरक्षित रखा गया, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट ने इस देरी को बेहद परेशान करने वाली स्थिति बताया और समय पर न्याय दिलाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश तय करने की आवश्यकता जताई।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, देरी नहीं चलेगी
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने कहा, “केसों की सुनवाई में हो रही यह देरी न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाती है। हमें इस पर एक ठोस कदम उठाना होगा, ताकि वक्त पर न्याय मिल सके। ऐसा चलता नहीं रह सकता है।”
झारखंड हाईकोर्ट ने एक हफ्ते में 75 केसों पर सुनवाई पूरी की
सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने एक हफ्ते में 75 आपराधिक मामलों पर सुनवाई पूरी की। याचिकाकर्ताओं के वकील फौजिया शकील ने बताया कि हालांकि अब भी उन पर फैसला आना बाकी है। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से उन मामलों की लिस्ट मांगी, जिन पर हाल ही में निर्णय हुआ है और यह भी पूछा कि इन मामलों में फैसला कब सुरक्षित किया गया था।
आरोपी की स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता
सुप्रीम कोर्ट हत्या और रेप के एक मामले की सुनवाई कर रहा था, जिसमें आरोपी अनुसूचित जनजाति और OBC से आते हैं। इन आरोपियों ने 2022 में अपनी सजा के खिलाफ अपील की थी, लेकिन 2-3 साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद फैसला नहीं आया।








