
नई दिल्ली। कमल हासन की फिल्म ‘ठग लाइफ’ की कर्नाटक में अटकी रिलीज को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि फिल्म की स्क्रीनिंग में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी कहा कि कोई भी भीड़ या गुट सड़कों पर कब्जा कर रिलीज रोकने की कोशिश न करे।
सुनवाई के दौरान जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने कर्नाटक सरकार के उस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया, जिसमें कहा गया कि अगर राज्य में फिल्म दिखाई जाती है, तो सभी सिनेमाघरों को पर्याप्त सुरक्षा दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा – ‘भावनाओं के नाम पर कला नहीं रोकी जा सकती’
पीठ ने कहा कि कोर्ट नहीं चाहता कि कोई माहौल ऐसा बने जिसमें किसी कलाकार को कविता पाठ से रोका जाए, किसी स्टैंडअप शो को कैंसिल किया जाए या किसी फिल्म की स्क्रीनिंग बाधित हो। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार से यह भी कहा कि ‘विभाजनकारी तत्वों’ को समय रहते नियंत्रित करें, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
मंगलवार को भी लगाई थी फटकार
इससे पहले 17 जून को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि कोई भीड़ कानून अपने हाथ में नहीं ले सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि CBFC से पास फिल्म को देश के किसी भी राज्य में रिलीज करने से नहीं रोका जा सकता।
विवाद की जड़ – कमल हासन का भाषाई बयान
‘ठग लाइफ’ की रिलीज इसलिए विवादों में फंसी क्योंकि अभिनेता कमल हासन ने कथित रूप से कहा था कि कन्नड़ भाषा तमिल से निकली है। इस बयान पर विवाद गहरा गया और विरोध के चलते फिल्म की कर्नाटक में रिलीज रुक गई थी। पहले यह मामला कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचा, फिर फिल्म निर्माता एम. महेश रेड्डी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की।








