7810 घरों की छतों से बन रही 23 मेगावाट बिजली, सूर्यघर योजना का प्रचार तेज

सेवा संकल्प अभियान के तहत अंबेडकरनगर में लगाए गए जागरूकता स्टाल, भियांव में विशेष सचिव ने किया उद्घाटन; लोगों को रूफटॉप सोलर के लाभ बताए

अंबेडकरनगर। जिले में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को लेकर जागरूकता अभियान तेज किया गया है। सेवा संकल्प अभियान के तहत मंगलवार को विभिन्न स्थानों पर जागरूकता स्टाल लगाए गए। यहां लोगों को घरों की छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने और योजना के लाभ की जानकारी दी गई।

अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने श्रीराम इंटरप्राइजेज और यूनीनेडा की ओर से लगाए गए स्टाल का उद्घाटन अधीक्षण अभियंता रजनीश श्रीवास्तव और परियोजना अधिकारी प्रवीण नाथ पांडेय ने किया। अधिकारियों ने लोगों को योजना की प्रक्रिया और सौर ऊर्जा के उपयोग से होने वाली बचत की जानकारी दी।

भियांव में विशेष सचिव ने किया स्टाल का उद्घाटन

विकासखंड भियांव में यूनीनेडा के सहयोग से एलके पावर सिस्टम की ओर से जागरूकता स्टाल लगाया गया। इसका उद्घाटन विशेष सचिव कौशल विकास अभिषेक सिंह ने किया।

उन्होंने लोगों को घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने के लिए योजना की जानकारी लेने और इसका लाभ उठाने को कहा। स्टाल पर नागरिकों को सौर ऊर्जा से जुड़ी जानकारी दी गई।

बिजली बिल से लेकर जमीन की बचत तक चार फायदे

यूपीनेडा के परियोजना अधिकारी प्रवीण नाथ पांडेय ने बताया कि पीएम सूर्यघर योजना से चार प्रमुख स्तरों पर लाभ मिलता है। घर की छत पर सोलर प्लांट लगाने से बिजली के बिल में बचत होती है। सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होती है।

उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आती है। एक यूनिट बिजली को कोयले से पैदा करने पर करीब 850 ग्राम कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन की संभावना रहती है। वहीं रूफटॉप सोलर लगाने से जमीन की जरूरत भी कम होती है। एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट जमीन पर लगाने के लिए करीब चार एकड़ भूमि की जरूरत होती है।

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