तमिलनाडु : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। M. K. Stalin ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है।
बड़ी पार्टी लेकिन बहुमत नहीं
Vijay की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम इस चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पार्टी ने 234 में से 107 सीटें जीत ली हैं, लेकिन बहुमत के आंकड़े से 11 सीट पीछे है। वहीं डीएमके को 59 और एआईएडीएमके को 47 सीटें मिली हैं।
गठबंधन ही विकल्प
अब विजय के सामने सरकार बनाने के दो रास्ते हैं। पहला, गठबंधन के जरिए बहुमत जुटाना और दूसरा, बाहरी समर्थन से सरकार बनाना। राज्य में कांग्रेस, वाम दल, वीसीके और अन्य छोटी पार्टियां किंगमेकर की भूमिका में नजर आ रही हैं।
स्टालिन की हार और राजनीतिक संदेश
चुनाव में बड़ा झटका तब लगा जब स्टालिन खुद अपनी कोलाथुर सीट हार गए। उन्हें टीवीके के वीएस बाबू ने हराया। यह परिणाम राज्य की राजनीति में बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विजय गठबंधन बनाकर सरकार बना पाएंगे या तमिलनाडु में फिर से राजनीतिक अस्थिरता देखने को मिलेगी।









