अम्बेडकरनगर। जनपद में क्षय रोग उन्मूलन अभियान के तहत पंजीकृत टीबी मरीजों को पिछले छह माह से पोषण भत्ता नहीं मिल पाया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इलाज और दवाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन पोषण भत्ते के भुगतान में देरी से मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्तमान में 3060 टीबी रोगी पंजीकृत हैं। इनमें से अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से हैं, जिनके लिए पोषण भत्ता उपचार के दौरान अहम सहारा माना जाता है।
2850 मरीज गोद लिए गए, पोषण पोटली मिल रही
विभागीय जानकारी के मुताबिक 3060 टीबी मरीजों में से 2850 रोगियों को विभिन्न सामाजिक संगठनों, अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा गोद लिया गया है। इन मरीजों को समय-समय पर पोषण पोटली उपलब्ध कराई जा रही है। इसके बावजूद नकद पोषण भत्ता न मिलने से कई मरीजों को दैनिक जरूरतों में दिक्कत आ रही है।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उपचार के मामले में जिले की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। अब तक टीबी उपचार में 94 प्रतिशत सफलता दर दर्ज की गई है।
एक्स-रे जांच में आई देरी
पहले जिले में एक निजी संस्था के माध्यम से टीबी मरीजों का निःशुल्क एक्स-रे किया जाता था, लेकिन अनुबंध की अवधि समाप्त होने के बाद जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई है। इसके चलते कई मामलों में एक्स-रे कराने में देरी हो रही है।








