
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि आतंकवाद 1989-90 में कश्मीर से शुरू होकर धीरे-धीरे मुंबई, पुणे और दिल्ली तक फैल गया है। उन्होंने कहा कि भारत पिछले 30 साल से आतंकवाद की चुनौती झेल रहा है और अब इस पर कठोर और असरदार कार्रवाई की जरूरत है।
थरूर ने कहा कि हर आतंकी घटना में दो बातें अहम हैं—कौन और क्यों वारदात करता है, और ऐसे हमलों को दोबारा होने से रोकने के उपाय। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद पर सख्ती जरूरी है, लेकिन देश के विकास के बड़े लक्ष्य को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
14 नवंबर की रात कश्मीर के नौगाम थाने में विस्फोट हुआ, जिसमें 9 लोगों की मौत और 32 घायल हुए। मृतकों में 3 फोरेंसिक एक्सपर्ट, SIA के इंस्पेक्टर, नायब तहसीलदार, 2 पुलिस फोटोग्राफर और 3 आम लोग शामिल थे। धमाका उस समय हुआ जब फोरेंसिक टीम विस्फोटक का सैंपल ले रही थी।
पुलिस और गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह आतंकी हमला नहीं, बल्कि हादसा था। विस्फोटक में अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर था।








