
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर से 42 लाख रुपये की ठगी के मामले में जेल भेजा गया रवींद्र नाथ सोनी अब एक मामूली ठग नहीं, बल्कि इंटरनेशनल ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड निकला है। जब पुलिस ने उसकी गहराई से जांच-पड़ताल शुरू की, तो ऐसा कच्चा चिट्ठा खुला कि पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।
जिस आरोपी को पुलिस ने पहले एक आम ठग समझकर 30 नवंबर को जेल भेज दिया था, वही अब दुनियाभर के 700 से ज्यादा लोगों से करीब 1500 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाला इंटरनेशनल साइबर ठग निकला है।
दुनिया भर से कानपुर पहुंच रहे ठगी के शिकार
जैसे-जैसे रवींद्र नाथ सोनी की ठगी की परतें खुल रही हैं, वैसे-वैसे विदेशों से भी पीड़ित कानपुर पुलिस के दरवाजे खटखटा रहे हैं।
सोमवार को दुबई से तीन लोग सीधे कानपुर पहुंचकर पुलिस कमिश्नर से मिले और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर दो पीड़ितों की एप्लिकेशन पर देर रात ठगी की FIR दर्ज कर ली गई है।
हीरा कारोबारी से हुआ खुलासा, ऐसा था ठगी का पूरा बिजनेस मॉडल
दुबई से ठगी का शिकार होकर कानपुर पहुंचे हीरा कारोबारी विशाल नितिन कोंडिया ने पुलिस को बताया कि आरोपी किस तरह से लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
उन्होंने बताया कि—
- आरोपी खुद को बड़ा बिजनेसमैन और इंटरनेशनल इन्वेस्टर बताता था
- बॉलीवुड अभिनेताओं और बड़े उद्योगपतियों की फोटो और वीडियो दिखाकर भरोसा जीतता था
- विदेश में बसे भारतीय मूल के लोगों को निवेश के नाम पर टारगेट करता था
- पहले छोटा मुनाफा देकर विश्वास जमाता, फिर करोड़ों रुपये की ठगी कर फरार हो जाता था
अभिनेताओं के चेहरे दिखाकर लोगों को करता था गुमराह
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी मीटिंग, फोटोशॉप की गई तस्वीरें और नकली डिजिटल दस्तावेजों के जरिए यह साबित करता था कि उसका संपर्क बड़े फिल्म कलाकारों और उद्योगपतियों से है।
लोगों को लगता था कि वे किसी बड़े इंटरनेशनल प्रोजेक्ट में निवेश कर रहे हैं, लेकिन हकीकत में यह सब ठगी का जाल था।
चार्ल्स शोभराज और नटवरलाल से भी ज्यादा शातिर
पुलिस अफसरों का कहना है कि रवींद्र नाथ सोनी की ठगी का तरीका इतना शातिर और आधुनिक तकनीक से लैस था कि उसे चार्ल्स शोभराज और नटवरलाल जैसे कुख्यात ठगों से भी ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है।









