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सरकारी योजना से मिलेगा 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त लोन, जिले में तीन गुना बढ़ा लक्ष्य
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अंबेडकरनगर के युवाओं के लिए सुनहरा मौका, अब नौकरी नहीं, खुद का कारोबार करेंगे
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स्वरोज़गार को बढ़ावा देने के लिए बढ़ाया गया टारगेट, सरकार ने शुरू किया नया अभियान
अंबेडकरनगर – अब बेरोजगारी से जूझते युवाओं को मायूस होने की ज़रूरत नहीं है। सरकार ने स्वरोज़गार को प्रोत्साहन देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत जिले के 2200 युवाओं को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने की योजना बनाई है।
नए वित्तीय वर्ष 2024-25 की शुरुआत के साथ ही इस महत्वाकांक्षी योजना का दायरा बढ़ाया गया है। अब युवा नौकरी के लिए दर-दर भटकने की बजाय खुद उद्यमी बनेंगे और दूसरों को भी रोज़गार देने में सक्षम होंगे। योजना के तहत पात्र युवाओं को पाँच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त बैंक लोन दिया जाएगा, जिससे वे गांव, कस्बे या शहर में अपने व्यवसाय की नींव रख सकें।
पिछले वर्ष रचा सफलता का इतिहास
वर्ष 2023-24 में अंबेडकरनगर को 700 युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य मिला था, जिसमें से 595 युवाओं को लोन स्वीकृत कराकर जिले ने पूरे प्रदेश में लोन वितरण में पहला स्थान और कुल प्रदर्शन में दूसरा स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि स्थानीय प्रशासन की तत्परता और युवाओं की लगन का प्रमाण है।
इस बार लक्ष्य तीन गुना
इस वर्ष लक्ष्य को बढ़ाकर 2200 कर दिया गया है, जिससे अब तीन गुना से अधिक युवा स्वरोज़गार की ओर कदम बढ़ा सकेंगे। इससे न केवल युवाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था को भी नया आयाम मिलेगा।
व्यवसाय की पूरी छूट, कोई बाध्यता नहीं
उपायुक्त उद्योग एसएस सिद्दीकी ने बताया कि 18 से 40 वर्ष की आयु के सभी युवक-युवतियाँ इस योजना के पात्र हैं। युवा चाहे तो किराना स्टोर खोलें, मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर चलाएँ, ब्यूटी पार्लर, डेयरी, सिलाई-कढ़ाई केंद्र या तकनीकी स्टार्टअप शुरू करें — योजना में व्यवसाय की कोई सीमा नहीं है।
रोज़गार पाने से देने तक का सफर
इस योजना से अब तक कई युवाओं ने नई शुरुआत की है। कभी नौकरी की तलाश में भटकने वाले अब अपने व्यवसाय के माध्यम से दूसरों को भी रोज़गार दे रहे हैं। वे न केवल आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी बन गए हैं।








