अंबेडकरनगर। टांडा नगर में लंबे समय से बढ़ते बंदरों के आतंक ने दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय निवासियों की परेशानी बढ़ा दी थी। लगातार मिल रही शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए नगर पालिका परिषद टांडा मंगलवार को बड़े स्तर पर सक्रिय हुआ। प्रभारी अधिशासी अधिकारी और उपजिलाधिकारी टांडा डॉ. शशि शेखर तथा नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष शबाना नाज़ के निर्देश पर नगर क्षेत्र में बंदरों को पकड़ने का विशेष अभियान चलाया गया, जिसकी शुरुआत शहर के सबसे प्रभावित क्षेत्रों से की गई।
मथुरा से आई विशेषज्ञ टीम की तैनाती
नगर पालिका ने बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए मथुरा से विशेष रूप से प्रशिक्षित पाँच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम को बुलाया। टीम ने मंगलवार को चौक घंटाघर और सब्जी मंडी इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया।
अभियान के दौरान विशेषज्ञों ने 100 बंदरों को सफलतापूर्वक पकड़ लिया। यह संख्या पिछले कई महीनों में नगर क्षेत्र में पकड़े गए बंदरों के मुकाबले सबसे अधिक मानी जा रही है। अभियान की गति और तकनीक को देखकर स्थानीय लोगों ने भी राहत महसूस की।
वन विभाग को सुपुर्द, टिकरी जंगल में छोड़े गए सभी बंदर
अभियान के तहत पकड़े गए बंदरों को तुरंत वन विभाग की टीम को सौंपा गया। टांडा वन विभाग के रेंजर आनंद ने बताया कि सभी बंदरों को गोंडा जिले के मनकापुर स्थित टिकरी जंगल में ले जाकर सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।








