- धूप की चपेट में आया जिला, सड़कों पर पसरा सन्नाटा
- गांवों में ट्यूबवेल और कुओं पर लगी रही पानी भरने की भीड़
- शैक्षणिक संस्थानों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में भारी गिरावट
अम्बेडकरनगर। जिले में भीषण गर्मी ने एक बार फिर अपना कहर बरपाया, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही तपिश भरे मौसम ने लोगों का सुकून छीन लिया, वहीं दोपहर तक लू जैसे हालात बन गए। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि आने वाले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट की कोई संभावना नहीं है।
प्रशासनिक मुख्यालय समेत पूरे जिले में सन्नाटा
जिला मुख्यालय अकबरपुर की सड़कें दोपहर बाद तपती रहीं, जबकि बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। गर्मी से बचने के लिए लोगों ने घरों से निकलना कम कर दिया, जिससे सड़कें वीरान नजर आईं। भीटी और बसखारी जैसे ग्रामीण इलाकों में लोगों ने ट्यूबवेल और कुओं पर पानी भरते हुए घंटों बिताए, जबकि किसानों ने धूप से बचने के लिए सिंचाई का काम सुबह-शाम तक सीमित कर दिया।
स्कूलों में उपस्थिति प्रभावित, स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव
जहांगीरगंज, जलालपुर और कटेहरी क्षेत्रों के स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति कम रही। शिक्षकों ने बताया कि तेज गर्मी और लू के कारण कई बच्चे घर पर ही रुके। वहीं, जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि गर्मी से होने वाली बीमारियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
बिजली की मांग बढ़ी, लेकिन राहत नहीं
घरों के अंदर भी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। पंखे और कूलर लगातार चलने के बावजूद राहत नहीं मिली, जबकि बिजली की मांग में अचानक उछाल से लोड बढ़ने की स्थिति बनी हुई है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घरों में रहने, भरपूर पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। साथ ही, लू से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।








