
नई दिल्ली। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ रखने की मांग की। उन्होंने पत्र में पुरानी दिल्ली स्टेशन को इंद्रप्रस्थ जंक्शन और दिल्ली एयरपोर्ट को इंद्रप्रस्थ इंटरनेशनल एयरपोर्ट नाम देने का सुझाव भी दिया।
खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली की संस्कृति, सभ्यता और इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है, जब पांडवों ने यमुना तट पर राजधानी इंद्रप्रस्थ बसाई थी। सांसद ने राजधानी के प्रमुख स्थानों पर पांडवों की मूर्तियां स्थापित करने और युवा पीढ़ी को उनके इतिहास और संस्कृति से अवगत कराने की भी मांग की।
खंडेलवाल ने पत्र में लिखा कि दिल्ली मौर्य, गुप्त और राजपूत काल के दौरान व्यापार, संस्कृति और प्रशासन का केंद्र रही। 11वीं-12वीं सदी में तोमर राजाओं ने इसे ‘डिल्लिका’ कहा, जिससे वर्तमान दिल्ली का नाम विकसित हुआ।
पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने हाल ही में अंग्रेज़ी में ‘Delhi’ के बजाय ‘Dilli’ लिखने का सुझाव दिया था। उन्होंने इसे इतिहास, परंपरा और पहचान का सम्मान बताया।
इतिहासकारों और लोक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में यह क्षेत्र इंद्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता था। महाभारत काल में पांडवों को खांडवप्रस्थ (आज का दिल्ली क्षेत्र) राजधानी के रूप में मिला। बाद में तोमर वंश के दौरान ‘ढीली कील’, ‘देहलीवाल’ और ‘दहलीज’ जैसे नामों से यह जगह धीरे-धीरे दिल्ली के रूप में जानी गई।








