
- लखनऊ के माल ब्लॉक में खुली प्रदेश की पहली फ्रूट वाइनरी
- खराब और बर्बाद फलों से तैयार होगी खास वाइन
- एंब्रोसिया वाइनरी में बनाए जाएंगे 12 फ्लेवर
लखनऊ। अब लखनऊ की मंडियों में खराब होने वाले फल किसानों के लिए घाटे का सौदा नहीं रहेंगे। इन फलों से तैयार होगी खास ‘फ्रूट वाइन’। प्रदेश की पहली फ्रूट वाइनरी ‘एंब्रोसिया’ का उद्घाटन लखनऊ के माल ब्लॉक में किया गया। 10 करोड़ की लागत से बनी इस वाइनरी में 12 फ्लेवर की वाइन तैयार की जाएगी। यहां आम, जामुन, शहतूत, केला और स्ट्रॉबेरी जैसे फलों से वाइन बनाई जाएगी।
ओलावृष्टि से बर्बाद फलों से बनेगी वाइन
अक्सर ओलावृष्टि या अन्य आपदाओं के कारण फलों को भारी नुकसान होता है, और किसान उन्हें फेंकने को मजबूर हो जाते हैं। लेकिन अब वही फल एंब्रोसिया वाइनरी में काम आएंगे। वाइनरी के संस्थापक कुंवर माधवेंद्र देव सिंह ने बताया कि यह पहल ‘एक जिला एक उत्पाद (ODOP)’ योजना के तहत की गई है। उद्घाटन समारोह में प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल और मुख्य सचिव मनोज सिंह मौजूद रहे।
देश की सबसे कम हानिकारक वाइन का दावा
माधवेंद्र देव सिंह ने बताया कि यहां तैयार होने वाली वाइन में एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल नहीं होगा। इसमें सिर्फ फलों का पल्प, शहद और देसी मसाले इस्तेमाल किए जाएंगे। शुगर को अल्कोहल में बदलने के बाद तैयार होने वाला यह पेय स्वास्थ्य पर कम दुष्प्रभाव छोड़ता है। इसे सोमरस का आधुनिक संस्करण कहा जा सकता है।
किसानों और ग्रामीणों के लिए नया अवसर
वाइनरी से लगभग 150 किसान इनडायरेक्ट रूप से और 20 किसान सीधे तौर पर जुड़े हैं। शुरुआती चरण में 20 लोगों को रोजगार मिला है, जिसे अगले 2-3 साल में बढ़ाकर 200 किया जाएगा। सहारनपुर और कतर्निया घाट के ग्रामीणों को ट्रेनिंग देकर उन्हें इस वाइन निर्माण प्रक्रिया से जोड़ा गया है।









