
लखनऊ। गोमती नगर के पॉलिटेक्निक चौराहे के पास स्थित सहारा बाजार को खाली कराने पहुंची लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। गुरुवार दोपहर जब जोनल अधिकारी देवांश त्रिवेदी की टीम बाजार खाली कराने पहुंची, तो दुकानदारों ने जमकर बवाल किया। कुछ ने सामान की तोड़फोड़ की, तो कई अफसरों से नोकझोंक करने लगे।
व्यापारियों का कहना था कि बिना कोई लिखित आश्वासन दिए बाजार खाली कराना अन्याय है। वे मांग कर रहे थे कि अगर बाजार सील किया जा रहा है तो उन्हें शिफ्टिंग या दोबारा आवंटन का लिखित भरोसा दिया जाए।
बाजार में जड़ा गया ताला, अफसर बोले- चाबी दी जाएगी
हालात तनावपूर्ण होते देख LDA अधिकारियों ने बाजार की दुकानों पर ताले जड़ दिए और कहा कि हर दुकान को एक चाबी दी जाएगी। हालांकि व्यापारियों ने इसे नकारते हुए कहा कि सिर्फ मौखिक भरोसे से काम नहीं चलेगा, वे लिखित गारंटी चाहते हैं।
प्रशासन की टीम लगातार LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार सिंह से फोन पर संपर्क में रही। वहीं मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और सुरक्षा कर्मी भी तैनात किए गए थे।
व्यापारी लोहिया पथ जाम करने पहुंचे
बाजार में कार्रवाई के बीच कुछ व्यापारी लोहिया पथ पर प्रदर्शन करने पहुंच गए, जिन्हें पुलिस ने समझाकर रोका। इससे पहले व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल LDA के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा से मिला, जिन्होंने आश्वस्त किया कि बिल्डिंग को किसी को भी हैंडओवर किया जाए, दुकानों का आवंटन उन्हीं व्यापारियों को दोबारा किया जाएगा।
1987 में दी गई थी लीज, 2017 में हुई समाप्त
LDA अधिकारियों के मुताबिक सहारा इंडिया को यह भूखंड 9 जनवरी 1987 को 30 वर्षों के लिए लीज पर दिया गया था, जो 2017 में समाप्त हो गई। सहारा इंडिया ने न तो इसका नवीनीकरण कराया, न ही लीज शर्तों का पालन किया। इसके चलते LDA उपाध्यक्ष ने लीज निरस्त कर दी है और अब भूखंड को सील कर कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
निरीक्षण में सामने आईं कई खामियां
LDA की विशेष समिति द्वारा किए गए निरीक्षण में कई अनियमितताएं उजागर हुईं। बताया गया कि परिसर में लगभग 150 दुकानें बनी हैं, लेकिन केवल 11 ही संचालित हो रही थीं। कुछ दुकानदारों के पास सिर्फ 25 दुकानों का एग्रीमेंट था, बाकी दुकानें या तो खाली थीं या लंबे समय से बंद पड़ी थीं।
इसके अलावा परिसर की हालत जर्जर पाई गई। जगह-जगह कूड़े के ढेर, टूटी हुई दीवारें और गंदगी फैली थी। ऐसे में प्राधिकरण ने इसे अवैध कब्जा मानते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।
100 करोड़ रुपए की कीमत का भूखंड
LDA के अनुसार यह भूखंड लखनऊ के सबसे प्राइम लोकेशनों में से एक है। पॉलिटेक्निक चौराहा और वेव मॉल के बीच स्थित इस भूखंड की मौजूदा अनुमानित कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये है। प्राधिकरण अब यहां नई योजना के तहत विकास की तैयारी कर रहा है।
LDA प्रवर्तन टीम ने बाजार में मुनादी कर अंतिम सूचना भी दे दी है कि व्यापारी तुरंत जगह खाली कर दें, वरना प्राधिकरण सीलिंग और कब्जे की प्रक्रिया पूरी कर देगा।









