- अंजुमनों और ग्रामवासियों ने लंगर व सवील की व्यवस्था की
- वैलेंटिस हॉस्पिटल ने नि:शुल्क मेडिकल कैंप लगाया
- सुरक्षा के लिए पुलिस ने ड्रोन और सीसीटीवी से की निगरानी
अंबेडकरनगर। टांडा तहसील क्षेत्र के ग्रामसभा अरसावां में शनिवार को परंपरागत जुलूस-ए 72 ताबूत का आयोजन पूरी शिद्दत और अकीदत के साथ संपन्न हुआ। अंजुमन फैज़े हुसैनी के नेतृत्व में आयोजित यह जुलूस इस वर्ष अपने दसवें दौर में प्रवेश कर चुका है। हज़रत इमाम हुसैन अ.स. और उनके 72 साथियों की याद में निकाले गए इस जुलूस में दूर-दराज़ से हजारों की संख्या में जायरीन पहुंचे।
विभिन्न जनपदों से अंजुमनें और उलमा हुए शामिल
जुलूस में अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अयोध्या, बलिया, गोंडा सहित कई जनपदों से अंजुमनों और उलमाओं ने हिस्सा लिया। जुलूस में नौहा-ख्वानी, मातम और सीना-ज़नी के माध्यम से करबला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई।
जुलूस की शुरुआत अरसावां स्थित इमामबाड़े से हुई और निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला तक पहुंचा। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही और फिजा “या हुसैन” की सदाओं से गूंजती रही।
10 हजार से अधिक जायरीन ने की ज़ियारत
इस बार के आयोजन में करीब 10 हजार से अधिक जायरीन शामिल हुए। जुलूस मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर ताबूत की ज़ियारत के लिए लोगों की लंबी कतारें देखी गईं। श्रद्धालुओं ने बड़े ही अनुशासन के साथ मातम किया और करबला के शहीदों को याद किया।
अंजुमन और ग्रामवासियों की ओर से सेवा
जुलूस के दौरान अंजुमन फैज़े हुसैनी की ओर से जायरीनों के लिए भोजन, पानी, शरबत और चाय की नि:शुल्क व्यवस्था की गई। साथ ही ग्रामवासियों ने भी अपने स्तर पर सवील और लंगर के माध्यम से श्रद्धालुओं की सेवा की।
गांव की गलियों और मुख्य मार्गों पर लगाए गए स्वागत द्वार, रोशनी और साफ-सफाई की व्यवस्था से आयोजन में भक्ति और व्यवस्था दोनों का समन्वय देखने को मिला।








