मौलाना आज़ाद गर्ल्स इंटर कॉलेज में महान शिक्षाविद, समाज सुधारक और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष मौलाना डॉ. कल्बे सादिक की पाँचवीं पुण्यतिथि पर 24 नवम्बर को श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अभिभावकों और छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर उनके शिक्षा, नैतिकता और मानवता आधारित संदेशों को नमन किया।
शिक्षा को इबादत बनाने वाला व्यक्तित्व: मौलाना सुहैल असगर सालसी
कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना सुहैल असगर सालसी जाफराबाद ने की। उन्होंने कहा कि कल्बे सादिक ने शिक्षा को इबादत का दर्जा देते हुए समाज के वंचित तबके को ज्ञान के मुख्यधारा से जोड़ा। उन्होंने कहा कि समय की माँग है कि युवा पीढ़ी उनके बताए मार्ग पर चलकर शिक्षा, इंसानियत और सद्भाव का पैगाम घर-घर पहुँचाए।
विद्यालय प्रबंधक का संबोधन: शिक्षा मॉडल को आगे बढ़ाने का संकल्प
कॉलेज प्रबंधक मौलाना मोहम्मद खालिद कासमी ने कहा कि कल्बे सादिक द्वारा प्रस्तुत शिक्षा मॉडल ने हजारों बच्चों का भविष्य संवारा। उन्होंने बताया कि विद्यालय प्रबंधन उनकी सोच को पाठ्यक्रम और गतिविधियों के माध्यम से जीवित रखने का प्रयास जारी रखेगा।
प्रधानाचार्या गुलिस्तां अंजुम बोलीं — छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत
प्रधानाचार्या गुलिस्तां अंजुम ने कहा कि कल्बे सादिक की सोच विशेष रूप से महिला शिक्षा के लिए प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का लक्ष्य शिक्षा के साथ छात्राओं में चरित्र निर्माण, सेवा और नैतिकता की भावना को मजबूत करना है।








