- PPP मॉडल के खिलाफ अधिवक्ताओं का मोर्चा
- बैनामा प्रक्रिया दो दिन रहेगी ठप, जनता को होगी परेशानी
- सरकारी योजना के विरोध में एकजुट हुए दस्तावेज लेखक व स्टांप विक्रेता
आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन कार्यालयों में विलेख पंजीकरण के लिए PPP मॉडल पर फ्रंट ऑफिस खोलने की योजना के विरोध में आगरा सदर तहसील के अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, टाइपिस्ट और स्टांप वेंडर 5 और 6 मई को हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान निबंधन विभाग में कोई भी बैनामा नहीं होगा, जिससे लगभग 10 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने की आशंका है।
सदर तहसील बार एसोसिएशन की 3 मई को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक दो दिनों तक कार्य से विरत रहेंगे। हालांकि वे तहसील परिसर में उपस्थित रहेंगे, लेकिन किसी प्रकार का काम नहीं करेंगे। इस आंदोलन को टाइपिस्ट और स्टांप वेंडरों का भी समर्थन प्राप्त है।
न्यायालय और निबंधन कार्यालयों में ठप रहेगा काम
हड़ताल के समर्थन में सदर तहसील के सभी न्यायालय – एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार की अदालतों में भी काम ठप रहेगा। तहसील परिसर में उप निबंधक के पांच कार्यालय हैं, जिनमें क्षेत्रवार बैनामा होते हैं। दो दिन के लिए इन सभी में पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह से बंद रहेगी।
PPP मॉडल पर आपत्ति
सरकार द्वारा प्रस्तावित पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के अंतर्गत निबंधन कार्यालयों में फ्रंट ऑफिस खोलने की योजना का विरोध करते हुए अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों का कहना है कि इससे उनके पेशे पर संकट उत्पन्न हो सकता है।
6 मई की बैठक में तय होगा अगला कदम
तहसील बार एसोसिएशन के महासचिव अरविंद कुमार दुबे ने जानकारी दी कि 6 मई की शाम को तहसील परिसर में अधिवक्ताओं की एक और बैठक बुलाई गई है।








