लखनऊ। RTE (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत प्रवेश न देने वाले शहर के हाई प्रोफाइल निजी स्कूलों पर आखिरकार शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। लखनऊ मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने विश्वनाथ एकेडमी और गोमती नगर स्थित सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल को नोटिस जारी किया है। 15 दिनों में जवाब न मिलने पर स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
10 बच्चों को भी नहीं दिया दाखिला
शिक्षा विभाग ने नियमों में लचीलापन दिखाते हुए स्कूलों से कहा था कि प्रत्येक ब्रांच में कम से कम 10 बच्चों को RTE के तहत प्रवेश दें, लेकिन इन स्कूलों ने एक भी बच्चे को दाखिला नहीं दिया। जबकि एक जुलाई से नया सत्र शुरू होने वाला है और इस देरी से बच्चों का पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।
3000 से अधिक बच्चों का दाखिला लंबित
शहर में करीब 3000 बच्चे RTE के तहत चयनित हैं, जिन्हें अब तक दाखिला नहीं मिला है। इन बच्चों के गार्जियन द्वारा तहसील से जारी आय प्रमाण पत्र भी स्कूलों द्वारा अस्वीकार किए जा रहे हैं। हैरानी की बात है कि निजी स्कूल अब खुद ही इन प्रमाण पत्रों की वैधता की जांच कर रहे हैं, जबकि यह काम सरकारी अधिकारियों का होता है।
नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई
संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने स्पष्ट किया कि RTE को नजरअंदाज करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई होगी। अभी चेतावनी दी गई है, आगे NOC रद्द कर मान्यता समाप्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि चयनित बच्चों को बिना देरी किए प्रवेश दिया जाए, वरना नियमों का उल्लंघन महंगा पड़ेगा।








