
वाराणसी की सबसे प्राचीन और व्यस्त मानी जाने वाली दालमंडी बाजार इन दिनों वीरान नजर आ रही है। जहां कभी खरीदारी के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ती थी, वहीं अब चारों ओर मलबा और सन्नाटा दिखाई दे रहा है।
चौड़ीकरण के लिए चल रहा ध्वस्तीकरण
प्रशासन द्वारा सड़क चौड़ीकरण के लिए चिन्हित दुकानों और मकानों को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी के चलते बाजार की सड़कों पर ईंट-पत्थर और मलबा फैला हुआ है।
बंद पड़ी दुकानें, व्यापारियों में चिंता
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के कारण अधिकांश दुकानें बंद हो गई हैं। व्यापारी अपने व्यवसाय और मकानों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। बाजार की रौनक पूरी तरह से खत्म होती नजर आ रही है।
बुलडोजर और मजदूरों की कार्रवाई जारी
एक ओर जहां बुलडोजर से दुकानों को गिराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मजदूर छेनी-हथौड़े से मकानों को तोड़ते नजर आ रहे हैं। पूरे इलाके में निर्माण और ध्वस्तीकरण का काम लगातार जारी है।
ऐतिहासिक बाजार पर असर
दालमंडी बाजार को शहर की सबसे पुरानी और बड़ी बाजारों में गिना जाता है। ऐसे में इस कार्रवाई से न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और लोगों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है।








